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किसान पिछले एक महीने से अपनी ही मेहनत की कमाई के लिए दर-दर भटक .. को बरगी विधानसभा का मजिठा गांव का मामला


जबलपुर। करीब 150 किसानों ने नियमानुसार मजिठा वेयर हाउस में मूंग और उड़द की बिक्री की। लेकिन… आज तक इन किसानों को उनका भुगतान नहीं मिला!


गड़बड़ी का खुलासा

खरीदी समिति प्रबंधक कमल सिंह ठाकुर, ऑपरेटर राजपाल सिंह राजपूत और अतिरिक्त ऑपरेटर दीपेन्द्र सिंह ठाकुर ने मिलकर खेल रच डाला।

जांच में सामने आया कि एम.एल.टी. वेयर हाउस संचालक आदेश तिवारी और उनके साथ जुड़े व्यापारी—

विनित पटेल, मनीष पटेल, गोलू पटेल, संजय पटेल, योगेन्द्र पटेल, अभिषेक गुप्ता और जुगल पटेल—

ने मिलकर करीब 800 क्विंटल की फर्जी एंट्री कर दी!


बिना माल लाए, बिना कट्टा-पर्ची के— कागज़ों में अनाज बेच दिया गया।

नतीजा— मेहनतकश किसानों का असली अनाज बेचकर भी उनका भुगतान रोक दिया गया।


सबसे बड़ा सवाल यह है कि ये कहानी पहली बार नहीं दोहराई जा रही।

चाहे धन घोटाला हो, गेहूं घोटाला हो या मूंग घोटाला— बरसों से यही खेल चलता आ रहा है।

कई बार कार्रवाई हुई, कई अफसर जेल भी गए… लेकिन भ्रष्टाचार का आलम जस का तस है।

आज भी वही घोटालेबाज माफिया और भ्रष्ट अधिकारी किसानों की कमर तोड़ रहे हैं और खुलेआम घूम रहे हैं।


आज हालात ये हैं कि किसान अपना कर्ज नहीं चुका पा रहे, निजी काम अटक गए हैं… और भ्रष्ट अफसर व व्यापारी खुलेआम घूम रहे हैं।


बड़े सवाल


कब मिलेगा किसानों को उनका हक?


कब होगी कमल सिंह ठाकुर, राजपाल सिंह, दीपेन्द्र सिंह और आदेश तिवारी जैसे जिम्मेदारों पर कार्रवाई?


आखिर कब तक अन्नदाता ठगे जाते रहेंगे और भ्रष्टाचारियों की मौज चलती रहेगी?



यह सिर्फ घोटाला नहीं… किसानों के खून-पसीने की लूट है।

अब देखना होगा कि कलेक्टर और प्रशासन कब तक सोते रहते हैं, और कब इन गुनहगारों पर शिकंजा कसते हैं।

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