देवांश भारत ग्वालियर। एमिटी यूनिवर्सिटी में पीएचडी कर रहे शोध छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के मापदंडों से अलग अपनी नीति और नियमों का हवाला देकर उन्हें लगातार परेशान करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। शोध छात्रों का कहना है कि प्रवेश के समय उन्हें यह स्पष्ट आश्वासन दिया गया था कि पीएचडी की डिग्री अधिकतम 3.5 से 4 वर्षों के भीतर प्रदान कर दी जाएगी, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है। शोध छात्रों के अनुसार वर्ष 2019 में प्रवेश लेन