पंचायत चुनाव निरस्त होने की कार्यवाही की ओर है, परंतु उम्मीदवारों कि पकड़ बनाने मे कोई लापरवाही नहीं

देपालपुर । त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव भले ही निरस्त होने की कार्यवाही की ओर है। परंतु सरपंच पद के उम्मीदवार जमीनी स्तर पर पकड़ना हैं। वर्तमान में गांवों में समस्याओं को लेकर आम जनता के दरवाजे पर पहुंचकर उन्हें बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने का वादा व भरोसा दिला रहे हैं। ग्राउंड जीरो की इस रिपोर्ट में आज हम इंदौर जिले की जनपद देपालपुर के अंतर्गत आने वाली में ग्राम पंचायत चटवाड़ा की बुनियादी समस्याओं से सरपंच पद उम्मीदवार राहुलसिंह परिहार के जरिए मुखातिब करवा रहे हैं। वैसे तो ग्राम पंचायत चटवाड़ा अ.जा. वर्ग से आती है। इसमें चटवाड़ा और पिपलोदा 2 गांव शामिल है। यहां के मतदाताओं की अगर बात की जाए तो पुरुष की संख्या 825, महिला की संख्या 780 और कुल संख्या 1605 है। दोनों ही गांव कलोता बाहुल्य है। दो गांवों में 18 प्रतिशत वोट अनुसूचित जाति है। क्योंकि पुराने आरक्षण पद्धति से चुनाव हो रहे हैं इसलिए पूर्व की तरह इस बार भी यहां पर अजा वर्ग की सीट आरक्षित हैं। दोनों ही गांव से लगभग आधा दर्जन उम्मीदवार मैदान में है। उम्मीदवार मध्यम वर्गीय परिवार से संबंध रखने वाले राहुलसिंह परिहार वर्तमान में अजा वर्ग से होने के कारण ग्राम पंचायत चटवाड़ा से सरपंच पद के लिए खड़े हुए हैं। दोनों ही गांव के बाहुल्य समाज का इनको अधिक सपोर्ट होने की बात सामने आई है। इन्होंने मूलभूत सुविधा वह के आधार पर जनता के दरवाजे पर जाकर वोट मांग रहे हैं। अभी वर्तमान समस्या जैसे कि सड़क पानी बिजली जो की पर्याप्त मात्रा में गांव में उपलब्ध नहीं है साफ सफाई का विशेष अभियान लगातार चलाया जाएगा शासन प्रशासन से मिलकर गांव के विकास के लिए खूब रुपया लाया जाएगा इन्हीं सब बातों को लेकर जनता के दिल में जगह बना रहे हैं और इनका चुनाव चिन्ह सब्जी की टोकरी है जिसके पेंपलेट गांव की हर दीवारों पर चिपके हुए हैं।
.png)




टिप्पणियां