वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बाघिन N6 ने दिया चार नवजात शावको को जन्म।
- devanshbharatnews

- 5 मई
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देवांश भारत मध्यप्रदेश। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिज़र्व से आज सुबह एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। नियमित गश्त के दौरान वनकर्मियों ने बाघिन N6 को उसके चार नवजात शावकों के साथ देखा। सभी शावक अपनी मां के साथ स्वस्थ और सुरक्षित नजर आए, जिससे वन विभाग में उत्साह का माहौल है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बाघिन N6 लंबे समय से निगरानी में थी और उसके मूवमेंट पर नजर रखी जा रही थी। आज सुबह पहली बार वह अपने शावकों के साथ दिखाई दी। यह दृश्य कैमरे में भी कैद किया गया है, जिसे वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम-
शावकों की सुरक्षा को देखते हुए संबंधित क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। साथ ही, अतिरिक्त कैमरा ट्रैप भी लगाए गए हैं ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। वनकर्मियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे किसी भी तरह की मानवीय दखल या खतरे को रोका जा सके।
बढ़ती संख्या से मजबूत हो रहा ‘टाइगर प्रदेश’-
मध्य प्रदेश पहले ही ‘टाइगर स्टेट’ के रूप में पहचान बना चुका है। बाघिन N6 के चार शावकों के जन्म से प्रदेश में बाघों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है, जो वन्यजीव संरक्षण की दिशा में सकारात्मक संकेत है।

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (Veerangana Durgavati Tiger Reserve) मध्य प्रदेश में स्थित है। यह मुख्य रूप से सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिलों में फैला हुआ है, जो नौरादेही अभयारण्य और दुर्गावती अभयारण्य के क्षेत्रों को मिलाकर बनाया गया है। यह मध्य प्रदेश का 7वां टाइगर रिजर्व है, जिसे चीतों के लिए भी एक सुरक्षित आवास माना जा रहा है।

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व महत्वपूर्ण जानकारी।
स्थान: सागर-दमोह-नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश।
क्षेत्रफल: लगभग 2339 वर्ग किलोमीटर।
मुख्य आकर्षण: यह दमोह-जबलपुर मार्ग पर जबेरा के पास स्थित है।
विशेषता: यह भारत का एक प्रमुख चीता आवास बनने वाला है और यहाँ बाघ, तेंदुआ, नीलगाय, चिंकारा, और विभिन्न प्रकार की वनस्पतियां पाई जाती हैं।
रिपोर्ट - अनूप लाल
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