सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पेंड्रा में बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं का गंभीर अभाव
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- 7 जन॰
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पेंड्रा में बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं का गंभीर अभाव

— ब्यूरो चीफ, देवांश भारत न्यूज़ 24x7 | जीपीएम, छत्तीसगढ़
जिला : गौरेला–पेंड्रा–मरवाही (छत्तीसगढ़)
गौरेला–पेंड्रा–मरवाही जिले के पेंड्रा नगर में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) क्षेत्रवासियों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने में पूरी तरह असफल साबित हो रहा है। लगभग 384 गांवों और 52 ग्राम पंचायतों वाले इस आदिवासी विकासखंड की बड़ी आबादी आज भी मूलभूत चिकित्सा सुविधाओं से वंचित है।
पेंड्रा क्षेत्र का अधिकांश हिस्सा दूर-दराज के वनांचल एवं ग्रामीण इलाकों में फैला हुआ है, जहाँ रहने वाले आदिवासी और गरीब परिवार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर हैं। बावजूद इसके, इस स्वास्थ्य केंद्र में आज तक सोनोग्राफी मशीन, विशेषज्ञ डॉक्टर, महिला चिकित्सक, ऑपरेशन थिएटर (OT) जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा सकीं।

नए भवन और सुविधाओं की मांग वर्षों से लंबित
अखिल विश्व गायत्री परिवार पेंड्रा के अध्यक्ष एल. एन. वैश्य द्वारा स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग (छत्तीसगढ़ शासन, रायपुर) तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जीपीएम को पिछले कई वर्षों से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। इन पत्रों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए नए भवन निर्माण और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
रिहायशी क्षेत्र में स्थित पुराना अस्पताल बना समस्या
वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक पुराने भवन में संचालित किया जा रहा है, जो घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्र में स्थित है। इस कारण एम्बुलेंस के आवागमन में भारी परेशानी होती है, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता।
गरीब और आदिवासी परिवारों पर बढ़ रहा आर्थिक बोझ
सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में क्षेत्र के गरीब नागरिकों और आदिवासी परिवारों को मजबूरी में निजी क्लीनिकों में इलाज कराना पड़ रहा है, जहाँ उनसे भारी शुल्क वसूला जाता है। इससे वे लोग आर्थिक और मानसिक रूप से लगातार प्रताड़ित हो रहे हैं।
प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जीपीएम द्वारा इन मांगों को लेकर नकारात्मक सुझाव दिए जा रहे हैं और चिकित्सा सुविधाओं की लगातार उपेक्षा की जा रही है। इससे यह प्रतीत होता है कि केंद्र और राज्य सरकार की ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की मंशा के अनुरूप कार्य नहीं हो रहा है।
जनहित में त्वरित कार्रवाई की मांग
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पेंड्रा में शीघ्र ही आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं और नया भवन उपलब्ध नहीं कराया गया, तो ग्रामीण और आदिवासी जनता की स्वास्थ्य स्थिति और अधिक गंभीर हो जाएगी।जनहित में यह आवश्यक है कि शासन–प्रशासन तत्काल प्रभाव से ठोस एवं न्यायसंगत कार्रवाई करे।
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