देवांश भारत, भारत। ‘माँ की मजबूरी नहीं, बेटी होती है माँ की मजबूती’ यही विचार क्लिनिक प्लस की नई फिल्म के केंद्र में है। डॉटर्स डे से ठीक पहले क्लिनिक प्लस माँ और बेटी के उस रिश्ते को सलाम करता है, जिसमें दोनों चुपचाप एक-दूसरे की ताकत बन जाती हैं। भारतीय घरों में माँएँ हमेशा से अपनी बेटियों को अपने हक के लिए खड़े होना और अपनी आवाज़ पहचानना सिखाती आई हैं — जबकि उनसे खुद उम्मीद की जाती है कि वे चुप रहें, समझौते करें और अपने हिस्से की तकलीफ़ें खामोशी से सह लें। लेकिन जो बाकी दुन