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जबलपुर पहुंचा चांदी का रंगीन सिक्का पहुंचा,पंचतंत्र की कहानियों के किरदारों को सिक्के में उकेरा


जबलपुर। फिर एक बार जबलपुर बना आकर्षण का केंद्र। देश में लांच किया गया चांदी का रंगीन सिक्का जबलपुर पहुंच गया है। इसे मुद्रा संग्रह करने वाले शौकीन सरकारी स्कूल पदस्थ एक शिक्षक ने रिर्जव बैंक से आनलाइन आर्डर कर मंगवाया है। इस सोवेनियर सिक्के को करेंसी नोट का निर्माण करने वाली संस्था भारत प्रतिभूति मुद्रण तथा मुद्रा निर्माण निगम लिमिटेड के 17वें स्थापना दिवस के अवसर पर देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जारी किया था। यह रंगीन सिक्का अपने आप में अनोखा है। सिक्के की खासियत है कि इस सिक्के को बाजार में न तो कोई मोल है और न ही किसी दुकान पर यह आपके काम आएगा। यह एक सोविनियर सिक्का है। इस सिक्के पर है। ताकि बच्चों में सिक्कों को संग्रह करने की इच्छा बढे। भारतीय व विदेशी मुद्रा के संग्रह करने के शौकीन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नुनसर में पदस्थ शिक्षक श्याम नारायण तिवारी ने बताया कि उन्होंने ये सिक्का कलकत्ता के टकसाल से अपने मित्र के सहयोग से आनलाइन बुकिंग कर मंगवाया है। इसके एवज में 1050 रुपये खर्चने पड़े। 32 ग्राम वजन का यह सिक्का निकल सिल्वर से बना है। इसे आर्डर करने के लिए कोलकाता टकसाल की साइट पर जाकर आर्डर करना होगा। यह एक कलेक्शन सिक्का है। इसे सहेजकर रखा जा सकता है, बाजार में इसकी कोई कीमत नहीं होगी। शिक्षक ने बताया कि वे पिछले 15 वर्षों से सिक्कों का संग्रह करते आ रहे हैं। पुरातत्व मुद्रा प्रेमियों के लिए छह से आठ मई तक होटल प्रिंस विराज में पुरातत्व मुद्रा उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। मुद्राओं का संग्रह करने वाले मोहित राठौर, आशुतोष अग्रवाल द्वारा आयोजित मुद्रा उत्सव में प्राचीन पुरातात्वकि महत्व के सिक्के, नोट, डाक टिकट सहित एक रुपये से लेकर एक हजार रुपये के सिक्के और विदेश मुद्रा का अनोखा संग्रह देखने मिलेगा। आयोजकों ने बताया कि नागरिक इस दिन दिवसीय उत्सव में सुबह 10 बजे से रात आठ बजे तक उपस्थित होकर संग्रह की गई मुद्रा का अवलोकन कर सकेंगे। इस दौरान शाम चार बजे से 11 बजे तक रंगारंग मनोरंजक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

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