भाजपा के मंत्री व विधायक माफिया राज के पोषक जो कि अराजक व्यवस्था को बढ़ावा देने में जुटे

पुलिस व खनिज माफिया का मिल रहा खुला संरक्षण माफिया राज को मुख्यमंत्री के नेस्तनाबूद करने का संकल्प क्या था नौटंकी जो कि साबित हो रहा खोखला
कलेक्टर के आदेश पर रीवा में खनन माफिया भारी
एक ओर जहाँ प्रदेश सरकार म.प्र. को भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बनाने का दावा करती है,वही दूसरी ओर भ्रष्टाचारियों को संरक्षण भी दिया जा रहा है।इस सम्बंध मे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के दावे भी खोखले साबित हो रहे हैं।
रीवा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई सड़कों में भारी वाहनों के चलने से लगातार सड़कें खराब हो रही हैं। इस पर आ रही शिकायतों के कारण कलेक्टर ने मध्यप्रदेश मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा-114 के तहत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़कों पर भारी वाहनों के गुजरने पर प्रतिबंध लगाया था ।लेकिन फिर भी प्रशासन की अनदेखी के कारण भारी वाहनों का आवागमन जारी है।
जिले की बात करे तो सबसे ज्यादा गोधर से लेकर बैजनाथ तक लगभग 10 किलोमीटर की सड़क खनन माफियाओं की भेट चढ गई,जिसके कारण स्थानीय लोग दिन और रात धूल गंदगी से जूझते है और लगातार गंभीर बीमारियों का शिकार भी बनते है।स्थानीय लोगों द्वारा कई बार प्रशासन को अवगत करवाया लेकिन जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी अपने मातहत कर्मचारियों पर ठीकरा फोड़ देते है।
सरकार गांवो शहर के विकास के लिये तरह तरह की योजनायें बनाकर लाखो का बजट दे रही है किन्तु सारी योजनायें भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही हैं। विरुद्ध कोई कार्यवाही कर पाते हैं या विभागीय कर्मचारियों के सांठ गांठ के आगे वे भी असहाय नजर आते हैं।
मध्य प्रदेश सरकार दिन प्रतिदिन विकास के नए-नए दावे कर रही हैं लेकिन उन दावों की जमीनी हकीकत कुछ और ही है जिसका अंदाजा रीवा जिले पिस रही है
इन क्षेत्रों की सड़कों का अधिक होता है प्रयोग
विकासखण्ड त्योंथर के एनएच-7 से त्योंथर वाया अमिलकोनी मार्ग में मल्टी एक्सल ट्रक से गिट्टी बालू एवं अन्य सामग्री टमस पुल से त्योंथर बघेड़ी जाते हैं। लालगांव से घूमा वाया बौद्ध स्तूप मार्ग में सीमेंट के बल्कर वाहन ड्राइवरों के घूमा में घर होने के कारण आवागमन करते हैं। चौरा से ककरहा मार्ग में उत्तरप्रदेश के मिर्जापुर तरफ गिट्टी एवं अन्य सामग्री परिवहन करते हैं। सोहागी से डीह वाया बड़ागांव मार्ग में गिट्टी बालू एवं अन्य सामग्री का परिवहन करते हैं। सूती से घटेहा मार्ग, देउखर से जवा मार्ग, घूमन से रिमारी मार्ग में क्रेशर से भारी वाहनों से गिट्टी का परिवहन बरगढ़ होते हुये उत्तरप्रदेश जाते हैं।
रायपुर कर्चुलियान-
विकासखण्ड रायपुर कर्चुलियान के सगरा से पडरा मार्ग में रेत एवं गिट्टी के ट्रक टोल बचाने एवं कम दूरी के कारण निकलते हैं। मुरूम की खदान होने के कारण परिवहन करते हैं। रायपुर सीतापुर से गोरगांव 164 मार्ग, रीवा-डभौरा रोड से बरा तक, टी-16 से सोनौरा मार्ग में बायपास के वाहन मार्ग से निकलते हैं। गुढ़ से हर्दी, टी-14 से रौरा, एनएच-7 से उमरी, एनएच-7 से बधवा कोठार, रौरा रोड से पतौना, हिनौती से अमिलिहा, रघुराजगढ़ से पथरहा, एनएच-7 से नया गांव कोठार, रीवा सिरमौर रोड से सेदुरा।
- विकासखण्ड रीवा के एनएच-7 से गड़रिया मार्ग, बनकुइंया से सुमेदा, करहिया से जोन्ही, सपहा से मकरवट, रीवा से सेमरिया रहट, तमरी से बांसी, महसांव से गड्डी, डिहिया से बम्हनगवां, हरदी से कुठुलिया।
- विकासखण्ड सिरमौर के सिरमौर से गोदहा मार्ग में बनकुइंया से गिट्टी की ढ़ुलाई उत्तरप्रदेश तक की जाती है जिसमें 40 से 60 टन तक के मल्टी एक्सल वाहन से परिवहन किया जाता है।
- विकासखण्ड जवा के रामबाग से मौहरिया मार्ग में सतना से सेमरिया एवं बनकुइंया मार्ग का परिवहन बरगड़ होते हुये उत्तरप्रदेश जाते हैं। वही हनुमना तहसील अंतर्गत पिपराही से जड़कुड़ मार्गों पर भारी वाहनों का चलना प्रतिबंधित कर दिया गया है।
प्रतिबंध के बावजूद गावों की सड़क में चल रहे भारी वाहन
कलेक्टर डॉ इल्लाया राजा टी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई सड़को में भरी वाहनों के चलने पे पूर्णता प्रतिबंध लगाया था लेकिन अभी भी गांव की सड़को पे भरी वाहन चलते हैं जिसकी वजह से गांव की सड़क खराब हो रही है।
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