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यूपी की सियासत में 'ब्राह्मण देवता', सरकार को ब्राह्मण विरोधी बता फायदा उठाने की जुगत में विपक्ष..

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  • 23 अक्टू॰ 2021
  • 3 मिनट पठन

यह 'ब्राह्मण राजनीति' विकास दुबे मामले के बाद शुरु हुई. विकास की गिरफ्तारी का विरोध नहीं हुआ लेकिन उसके एनकाउंटर को तमाम ब्राह्मणों ने फर्जी बताया. विकास के 5 ब्राह्मण साथी भी एनकाउंटर में मारे गए इौर गिरफ्तार होने वाले 9 ब्राह्मण थे.


लखनऊ:

उत्‍तर प्रदेश (यूपी) में ठाकुर-ब्राह्मण राजनीति उफान पर है. विकास दुबे कांड में एनकाउंटर में मारे गए या पकड़े गए 15 लोग ब्राह्मण थे जिसके बाद शुरू हुई ब्राह्मण राजनीति के दबाव में एक बीजेपी MLC उमेश द्विवेदी ने कहा है, चूंकि ब्राह्मण मारे जा रहे हैं, इसलिए सरकार उनका विशेष बीमा कराएगी.एक अन्‍य विधायक ने भी विधानसभा में सरकार से सवाल पूछा कि इस सरकार के दौरान कितने ब्राह्मण मारे गए, कितनों के हत्‍यारे पकड़े गए, सरकार ब्राह्मणों की सुरक्षा कैसे करेगी? अब विपक्ष इसे मुद्दा बनाकर सरकार को ब्राह्मण विरोधी कह रहा है.

'तुम कार पलटो, हम सरकार पलटेंगे' : उत्तर प्रदेश की राजनीति में 'ब्राह्मण कार्ड'? दरअसल यह 'ब्राह्मण राजनीति' विकास दुबे मामले के बाद शुरु हुई. विकास की गिरफ्तारी का विरोध नहीं हुआ लेकिन उसके एनकाउंटर को तमाम ब्राह्मणों ने फर्जी बताया. विकास के 5 ब्राह्मण साथी भी एनकाउंटर में मारे गए इौर गिरफ्तार होने वाले 9 ब्राह्मण थे. मुख्‍तार अंसारी के जिस साथी राकेश पांडे का एनकाउंटर हुआ, वह भी ब्राह्मण था. उसके पिता का आरोप है कि उसे घर से ले जाकर मारा. इससे बढ़ती नाराजगी से बीजेपी भी दबाव में है, उसके एक एमएलसी ने तो यहां तक कह दिया था कि ब्राह्मणों का अलग बीमा होगा.  विधानसभा सत्र 20 से शुरू होगा. सुल्‍तानपुर से बीजेपी विधायक देवमणि द्विवेदी ने सदन में गृह मंत्री से ब्राह्मणों के मुद्दे पर सवाल पूछा है लेकिन इस पर बात करने को वह उपलब्‍ध नहीं हुए. इसके लिखा है-इस सरकार के तीन साल में, कितने ब्राह्मण की हत्‍या हुई, कितनों के हत्‍यारे पकड़े गए, कितने हत्‍यारों को पुलिस ने सजा दिलवाई, सरकार ब्राह्मणों की सुरक्षा कैसे करेगी, क्‍या ब्राहमणों को प्राथमिकता पर हथियार लाइसेंस दिलाएंगे, कितने ब्राहमणों को हथियार लाइसेंस दिया? इस बीच मुख्‍तार अंसारी के साथी राकेश पांडे को यूपी एसटीएफ ने मुठभेड़ में मार गिराया. उसके पिता ने आरोप लगाया कि उसे घर से ले जाकर मारा गया. इस पर भी प्रतिक्रिया हुई. इस बीच, भदोही से बाहुबली विधायक विजय मिश्रा को यूपी पुलिस ने मध्‍य प्रदेश में गिरफ्तार किया तो उन्‍होंने भी सरकार को ब्राह्मण विरोध बता दिया. विजय मिश्रा ने कहा, 'वहां जो ठाकुर माफिया है एक जाति से, उन माफियाओं के कहने पर हमारे परिवार का उत्‍पीड़न, धन-दौलत, हमारी पत्‍नी, लड़के को बरबाद कर रहे हैं ओर हत्‍या कराने की साजिश कर रहे हैं. फर्जी मुकदमा डाल रहे हैं. ये कभी भी अपराधी के द्वारा हत्‍या करा सकते हैं. सिपाही भी मरवा सकते हैं.' उन्‍होंने कहा कि चूंकि वहां जितने भी बड़े गैंग हैं चाहे वह विनीत सिंह का हो, चाहे सुशील सिंह का हो, चाहे वो सांसद वीरेंद्र सिंह हैं, सारे लागे हमारी हत्‍या के लिए लगे हुए हैं. उधर ब्राह्मणों के वर्ग में पैदा नाराजगी का विपक्षी फायदा उठाना चाहते हैं. आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह खुलेआम सरकार पर ब्राह्मण विरोधी होने का आरोप लगा रहे हैं, इस पर कुछ बीजेपी समर्थकों ने उनके खिलाफ एफआईआर करा दिया. संजय सिंह ने कहा, 'अगर सरकार में ब्राह्मणों की हत्‍याएं हो रही रही, उनके ऊपर जुल्‍म हो रहा है, अन्‍याय हो रहा है, अत्‍याचार हो रहा है. यह मुद्दा उठाना अपराध है क्‍या?'. बीजेपी से कांग्रेस में आया उदित राज ने विकास दुबे मामले को ब्राह्मण-ठाकुर रंग देने की कोशिश की. उन्‍होंने ट्वीट किया, 'अगर उदित राज, ठाकुर होता तो क्‍या ऐसा ही अत्‍याचार होता.' समाजवादी पार्टी की प्रवत रोली तिवारी मिश्रा ट्विटर पर ब्राह्मणों के लिए मुहिम छेड़े हुए हैं. उनका ट्वीट है-आखिर ब्राह्मण से इतनी नफरत क्‍यों है? उधर कांग्रेस नेता जतिन प्रसाद ने ब्राह्मण चेतना मंच बनाकर ब्राह्मणों के लिए मुहिम चला रखी है. वे हर ब्राह्मण की हत्‍या पर सवाल उठा रहे हैं. ब्राह्मणों को लुभाने के लिए सपा के अभिषेक मिश्रा ने परशुराम जी की दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति लगाने का ऐलान किया है. मिश्रा ने कहा है कि य‍दि ब्राह्मणों का विशेष बीमा सरकार ने नहीं किया तो वे इसके खिलाफ अभियान छेड़ेंगे

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