DTC हड़ताल से दिल्ली की रफ्तार पर ब्रेक! ड्राइवरों की दो टूक—मांगें पूरी होने तक नहीं चलेंगी बसें
वेतन, मेडिकल सुविधा, बीमा और अन्य सेवा लाभों की मांग; हजारों यात्रियों को परेशानी, ऑटो-ई-रिक्शा का किराया बढ़ने की शिकायत
नई दिल्ली, 17 सितंबर 2026: दिल्ली में DTC की कॉन्ट्रैक्ट बसों के ड्राइवरों और कंडक्टरों की हड़ताल से राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई है। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
ड्राइवरों की प्रमुख मांगों में वेतन बढ़ोतरी, मेडिकल सुविधा, दुर्घटना/जीवन बीमा, ओवरटाइम और अन्य सेवा लाभ शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक उन्हें करीब ₹862 प्रतिदिन का भुगतान मिलता है और वे इसे बढ़ाकर ₹2,000 प्रतिदिन करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि अलग-अलग रिपोर्टों में हड़ताल में शामिल कर्मचारियों की संख्या अलग बताई गई है।

यात्रियों पर सीधा असर
बसें नहीं चलने से कई इलाकों में यात्रियों को लंबे समय तक बस स्टॉप पर इंतजार करना पड़ा। कई लोगों ने ऑटो, ई-रिक्शा और कैब का सहारा लिया। यात्रियों ने कुछ रूटों पर सामान्य से कई गुना ज्यादा किराया मांगे जाने की शिकायत की है।
हड़ताल का असर सिर्फ ऑफिस जाने वाले यात्रियों तक सीमित नहीं रहा। रिपोर्टों के मुताबिक छात्रों, बुजुर्गों, अस्पताल जाने वाले लोगों और कम आय वाले यात्रियों को भी अतिरिक्त परेशानी और खर्च का सामना करना पड़ा।
सरकार की तरफ से क्या कहा गया?
दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने ड्राइवरों की समस्याओं को हल करने का आश्वासन देते हुए हड़ताल वापस लेने की अपील की है। सरकार ने DTC इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करने वाले निजी कॉन्ट्रैक्टर्स को कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश देने की बात कही है।
यात्रियों पर दबाव कम करने के लिए दिल्ली मेट्रो ने अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप्स और अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था भी की है।
अभी सबसे बड़ा सवाल
ड्राइवर अपनी मांगों पर कायम हैं, जबकि सरकार समाधान की बात कर रही है। ऐसे में दिल्लीवासियों के लिए अहम सवाल यही है कि बस सेवा कब सामान्य होगी और कर्मचारियों की मांगों पर कब ठोस फैसला होगा?
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