📰 PM Modi Daily Diet & Fitness: 76 की उम्र में योग, वॉकिंग और फास्टिंग पर जोर
📰 PM Modi Daily Diet & Fitness: 76 की उम्र में योग, वॉकिंग और फास्टिंग पर जोर
Devansh Bharat News 24x7 | लाइफस्टाइल रिपोर्ट
नई दिल्ली | 17 सितंबर 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 76 वर्ष के हो गए। उनके जन्मदिन के मौके पर उनकी सार्वजनिक रूप से बताई गई फिटनेस और खान-पान की दिनचर्या एक बार फिर चर्चा में है। उपलब्ध रिपोर्टों और मोदी के पिछले सार्वजनिक बयानों के अनुसार, उनकी दिनचर्या में योग, प्राणायाम, पैदल चलना, सीमित एवं पारंपरिक भोजन और उपवास शामिल रहे हैं।

🧘 सुबह करीब 40 मिनट योग
Aaj Tak की रिपोर्ट के अनुसार, मोदी सुबह करीब 40 मिनट योग करते हैं। इसमें सूर्य नमस्कार, प्राणायाम और विभिन्न योगासन शामिल बताए गए हैं। रिपोर्ट में वज्रासन, सेतुबंधासन, भुजंगासन और उत्तानपादासन का भी उल्लेख है।
मोदी ने सार्वजनिक रूप से योग और फिटनेस को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की बात कही है। 2018 में उनके साझा किए गए एक फिटनेस वीडियो में योग, वॉकिंग और ब्रीदिंग एक्सरसाइज दिखाई गई थीं।
🚶 वॉकिंग भी रूटीन का हिस्सा
योग के साथ पैदल चलना भी उनकी सार्वजनिक रूप से बताई गई फिटनेस गतिविधियों में शामिल है। 2018 के फिटनेस वीडियो में उन्हें पंचतत्व से प्रेरित ट्रैक पर चलते हुए देखा गया था।
🥗 खाने में पारंपरिक भारतीय भोजन
रिपोर्टों के मुताबिक, मोदी के भोजन में दाल, चावल, रोटी, सब्जियां, पोहा और उपमा जैसे पारंपरिक भारतीय व्यंजन शामिल रहे हैं। सहजन यानी मोरिंगा के पराठे का भी उन्होंने पहले उल्लेख किया है और Aaj Tak के अनुसार वह इसे सप्ताह में लगभग दो बार लेते हैं।
🌙 शाम के बाद भोजन को लेकर क्या दावा है?
Aaj Tak की रिपोर्ट में कहा गया है कि मोदी सूर्यास्त या लगभग शाम 6 बजे के बाद भोजन नहीं करते। हालांकि, इसे उनकी व्यक्तिगत दिनचर्या के रूप में देखना चाहिए, न कि सभी लोगों के लिए स्वास्थ्य संबंधी सलाह के तौर पर।
🙏 लंबे समय से उपवास की परंपरा
मोदी ने 2025 में Lex Fridman के साथ बातचीत में अपने लंबे समय से चले आ रहे उपवास के बारे में बताया था। NDTV के अनुसार, उन्होंने चातुर्मास के दौरान 24 घंटे में एक बार भोजन करने और नवरात्रि में नौ दिनों तक गर्म पानी के साथ उपवास करने जैसी अपनी व्यक्तिगत प्रथाओं का उल्लेख किया था।
⚠️ जरूरी बात
इन आदतों को प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत दिनचर्या के रूप में रिपोर्ट किया जा रहा है। किसी व्यक्ति के लिए लंबे उपवास, बहुत कम नींद या भोजन के समय में बड़े बदलाव उपयुक्त हैं या नहीं, यह उसकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। इसलिए इन्हें बिना चिकित्सकीय सलाह के फिटनेस नियम के तौर पर अपनाना उचित नहीं माना जाना चाहिए।
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