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“स्वावलंबी महिला, सशक्त राष्ट्र” पर्यटन सखी बनकर आकांक्षा और ऋतु परिवार को दे रहीं आर्थिक संबल


जबलपुर। महिलाओं को सशक्त और स्वावलंबी बनाने की राज्य और केंद्र शासन की नीतियों के फलस्वरूप अब महिलाएं उन क्षेत्रों में भी अपना परचम लहरा रही हैं, जहाँ आम तौर पर पुरुषों का ही वर्चस्व रहा है। यहाँ बात की जा रही है जबलपुर के समीप स्थित भेडाघाट की दो युवतियों आकांक्षा बर्मन और ऋतु ठाकुर की, जो पर्यटन सखी के तौर पर मां नर्मदा की गोद में बसे इस विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल के नैसर्गिक सौंदर्य का दीदार करने आ रहे पर्यटकों को यहाँ के टूरिस्ट स्पॉट्स का भ्रमण करा रही हैं।

परिवार को आर्थिक संबल प्रदान कर रहीं आकांक्षा और ऋतु सहित भेडाघाट की नौ युवतियों को महिला पर्यटकों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने की नीति के तहत मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड और जबलपुर पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद द्वारा एक एनजीओ "बायपास' के सहयोग से महिला टूर-गाइड के तौर पर प्रशिक्षित किया गया था। ये महिला टूर गाइड महिला सुरक्षा को लेकर भी विशेष रूप से सजग हैं। इन्हें विषम परिस्थितियों से निपटने आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी दिया गया है।

राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त आकांक्षा बर्मन ने बताया कि वो और उनकी साथी ऋतु ने दो वर्ष पहले महिला टूर गाइड के व्यवसाय को अपनाया था। इसके पहले उन्होंने दो माह का टूर-गाइड विधा में क्लास-रूम और प्रायोगिक प्रशिक्षण प्राप्त किया, साथ ही ऑन-जॉब-प्रशिक्षण द्वारा अपने कौशल को तराशा। पर्यटकों को भेडाघाट और इसके आसपास के टूरिस्ट स्पॉट का भ्रमण कराने दोनों साथ जाती हैं। महिला पर्यटकों के साथ ही वे भेडाघाट और इसके आसपास के टूरिस्ट स्पॉट्स देखने आये परिवारों को भी सशुल्क टूर गाइड की सेवा दे रही हैं। इन टूरिस्ट स्पॉट्स में लम्हेटा घाट, तेवर का त्रिपुर सुंदरी मंदिर, धुआंधार जलप्रपात, चौंसठ योगिनी मंदिर, मार्बल रॉक के बीच नौका विहार, स्वर्गद्वारी, घुघरा वाटर फॉल, बौद्धमठ, पशुपतिनाथ का मंदिर, लक्ष्मी-नारायण मंदिर और पचमठा मंदिर शामिल हैं।

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