पावर मैनेजमेंट कंपनी के कार्यपालक निदेशक राजीव गुप्ता ने रामपुर और नयागांव की जल प्रदाय व्यवस्था का किया गहन निरीक्षण
- devanshbharatnews

- 7 जन॰
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जबलपुर, 7 जनवरी। एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के कार्यपालक निदेशक मानव संसाधन व प्रशासन राजीव गुप्ता ने आज रामपुर व नयागांव में जल प्रदाय व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान इस बिन्दु की गहन छानबीन की कि पावर मैनेजमेंट कंपनी के विभिन्न आवासीय परिसर और विद्युत कंपनियों के कार्यालयों में जल प्रदाय किसी भी प्रकार से प्रदूषित न हो। कार्यपालक निदेशक के निरीक्षण के दौरान उनके साथ अतिरिक्त मुख्य महाप्रबंधक अनुराग नायक, अधीक्षण अभियंता सिविल मुख्यालय धर्मेन्द्र वर्मा व सहायक अभियंता जल प्रदाय जितेन्द्र मोरे थे। उल्लेखनीय है कि पावर मैनेजमेंट कंपनी के जल प्रदाय उपसंभाग द्वारा रामपुर व नयागांव स्थित आवासीय परिसर के 800 आवास, शक्तिभवन एवं विभिन्न विद्युत कंपनियों के रामपुर व नयागांव स्थित कार्यालयों में प्रतिदिन जल प्रदाय किया जाता है। पावर मैनेजमेंट कंपनी की जल प्रदाय व्यवस्था से लगभग 10 हजार लोग लाभान्वित होते हैं।
नर्मदा नदी के किनारे से शुरुआत-गहन निरीक्षण शुरुआत नर्मदा नदी के किनारे स्थित जैकवेल से की। आज से लगभग 45 वर्ष पूर्व तत्कालीन विद्युत मण्डल के समय नर्मदा नदी में जैकवेल स्थापित कर पानी लिफ्ट कर लगभग 2.10 किलोमीटर लंबी 300 एमएम व्यास की पाइप लाइन द्वारा 1 एमजीडी (MGD) क्षमता के नयागांव स्थित जलशोधन संयंत्र लाने की व्यवस्था की गई थी।
जल शोधन संयंत्र का निरीक्षण-नयागांव जल शोधन संयंत्र का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए गए। इस जल शोधन संयंत्र में विभिन्न प्रक्रियाओं से जल शुद्ध किया जाता है और यह 25 लाख एमएलडी क्षमता के ओवरहेड टैंक से भरकर 200 एमएम व्यास की दो पाइप लाइन द्वारा शक्ति भवन, सुपीरियर टाइप व गणेश मंदिर स्थित टंकियों में भरा जाता है। ज्ञातव्य है कि जल शोधन संयंत्र में एक प्रयोगशाला स्थापित है। इस प्रयोगशाला में प्रतिदिन प्रदाय जल की गुणवत्ता का परीक्षण किया जाता है।
कैसे होता है जल प्रदाय-सुपीरियर टैंक क्रमांक 2 के 1.5 लाख लीटर क्षमता के टैंक द्वारा विभिन्न आवासीय परिसर, हॉस्टल परिसर व शिलाकुंज हाउसिंग सोयायटी में जल प्रदाय किया जाता है। गणेश मंदिर पानी टंकी के टैंक क्रमांक 1 व टैंक क्रमांक 4 से समस्त आवासीय परिसर, बालक मंदिर स्कूल व कार्यालयों में जल प्रदाय किया जाता है।
डिस्ट्रीब्यूशन लाइन का किया निरीक्षण-निरीक्षण के दौरान निर्देश दिए गए कि किसी भी स्थिति में डिस्ट्रीब्यूशन लाइन में लीकेज न हों और लाइन के आसपास स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा जाए।
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