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खबर का असर, नप गए भृष्ट कम्प्यूटर ऑपरेटर चंदेल, बड़े घोटाले कि रिकवरी कब?


भृष्ट कंप्यूटर ऑपरेटर पर प्रभारी सीईओ ओझा करेंगे कार्यवाही?

लोक सूचना अधिकारी जानकारी देने में क्यों कर रहे लेट लतीफी

जनपद पंचायत डिंडोरी कंप्यूटर ऑपरेटर पुरुषोत्तम चंदेल का मामला

डिंडोरी देवांश भारत/संपादक प्रशांत वैश्य। जिले से अभी तक अनेक अजब गजब के मामले प्रकाश में आ चुके है जिनपर जिले कि जनता भी चुटकी लेने में पीछे नहीं रही है हम भी ऐसा ही एक मामला आपके सामने लेकर आए हुए है जिसपर देवांश भारत लगातार पांच हफ्तों से खुलासा करते हुए आ रहा है। आखिर किस प्रकार एक शासकीय कार्यालय में बिना दस्तावेज, बिना समिति प्रस्ताव पास कराए, अधिकारी से बिना नियुक्ति पत्र प्राप्त किए एक व्यक्ति जो लगभग 13 वर्षो से शासकीय कार्यलय में पदस्थ होते हुए सेवाएं दे रहा है एंव विभागीय कार्यों में लगा हुआ है। मामला डिंडोरी जनपद पंचायत कार्यालय का है जहाँ एक कम्प्यूटर ऑपरेटर पुरुषोत्तम चंदेल लगभग 13 वर्षो से कार्यरत है जिसकी नियुक्ति संबंधित जानकारी विभागीय अधिकारीयों को सही नहीं है और न ही कार्यालय में कोई दस्तावेज ही उपलब्ध है। हद तो तब हो जाती है ज़ब जनपद पंचायत कार्यालय डिंडोरी में कार्य करने वाले कम्प्यूटर ऑपरेटर पुरुषोत्तम चंदेल कि पहचान स्पष्टता के लिए एक भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं है जो यह साबित कर सके की पुरुषोत्तम चंदेल कंप्यूटर ऑपरेटर जनपद पंचायत कार्यालय डिंडोरी का कर्मी है जिसका फायदा भी भृष्ट कंप्यूटर ऑपरेटर के द्वारा सन 2018 से 2021 तक उठाया गया था विभागीय सूत्रों के द्वारा बतलाया गया कि भवन सनिर्माण कर्मकांर मंडल अन्तर्गत विवाह सहायता योजना में फर्जी तरीके से कम्प्यूटर ऑपरेटर ने खुद को फायदा पहुँचाया है साथ ही अन्य ग्रामीणों को शासकीय राशि से उपकृत किया गया है विभागीय सूत्रों कि माने तो जनपद पंचायत डिंडोरी कार्यालय में भवन सनिर्माण कर्मकार मंडल अंतर्गत विवाह सहायता योजना जिसमें विभागीय अधिकारियों मिलकर कंप्यूटर ऑपरेटर के द्वारा बड़ा घोटाला किया है जिसके महत्वपूर्ण दस्तावेज जनपद पंचायत कार्यालय डिंडोरी से गायब कर दिए गए हैं जिसका मुख्य उद्देश्य बड़े घोटाले पर सदैव पर्दा पड़ा रहे भवन सनिर्माण कर्मकार मंडल अंतर्गत विवाह सहायता योजना 2018 से 2021 के बिच डिंडोरी जनपद अंतर्गत कराए गए विवाहों का पंचायत स्तर पर पहुंचकर जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को सत्यापन करते हुए इस बड़े घोटाले का खुलासा करना चाहिए। साथ ही जनपद कार्यालय डिंडोरी में पदस्थ पुरुषोत्तम चंदेल कि नियुक्ति मामले को उजागर करना चाहिए। 13वर्षो से पुरुषोत्तम चंदेल का रहनुमा कार्यालय बना हुआ है, आखिर कौन है जो भृष्ट कंप्यूटर ऑपरेटर को अपना संरक्षण दे रहा है।


समय पर नहीं दे रहे जानकारी, लोक सूचना अधिकारी को आ रहा पसीना?


जनपद पंचायत कार्यालय डिंडोरी में आखिर क्यों लोक सूचना अधिकारी के द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी देने में लेट लतीफी क्यों की जा रही है। आखिर समय पर आवेदक को जानकारी लोक सूचना अधिकारी के द्वारा क्यों उपलब्ध नहीं करवाई जा रही।आवेदक त्रिलोक सिंह चौहान के द्वारा 7.1.2026 को जनपद पंचायत कार्यालय डिंडोरी में सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन प्रस्तुत करते हुए जानकारी कि मांग कि गई थी (1) जनपद पंचायत डिंडोरी कार्यालय में कलेक्टर दर पर पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटर पुरुषोत्तम चंदेल की नियुक्ति हेतु किन जनपद अध्यक्ष की अनुशंसा पर सामान्य सभा की बैठक में किस दिनांक सन को प्रस्ताव पारित किया गया,उस प्रस्ताव एवं कंप्यूटर ऑपरेटर पुरुषोत्तम चंदेल की नियुक्ति पर सहमति एवं सदस्यों की सहमति हस्तांतरित संपूर्ण दस्तावेजों की प्रमाणित छाया प्रति की मांग की गई थी। लेकिन लोक सूचना अधिकारी जनपद पंचायत डिंडोरी के द्वारा आवेदक त्रिलोक सिंह चौहान को जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई है जिसको लेकर त्रिलोक सिंह चौहान के द्वारा प्रथम अपीलीय अधिकारी जनपद पंचायत डिंडोरी के समक्ष आवेदन पत्र प्रस्तुत किया है बतला दें डिंडोरी जनपद पंचायत लोक सूचना अधिकारी के द्वारा समय पर जानकारी आवेदकों को उपलब्ध नहीं कराई जा रही है जिससे स्पष्ट होता है कि लोग सूचना अधिकारी को कंप्यूटर ऑपरेटर के नियुक्ति के संबंध में जानकारी देने पर पसीने छूट रहे हैं इसलिए जिम्मेदार अधिकारी के द्वारा लेट लतीफी की जा रही है



कच्छप गति में बढ़ रही प्रक्रिया

आवेदक दीपक नामदेव के द्वारा पत्र के माध्यम से शासकीय योजना( संबल )(भवन सनिर्माण कर्मकांर मंडल अन्तर्गत विवाह सहायता योजना) में हुआ घोटाला कि जानकारी जिले के वरिष्ठ अधिकारीयों को करते हुए मामले पर जाँच कर उचित कार्यवाही कि मांग की गई है लेकिन लगभग एक माह परिअवधि होने को है इसमें केवल जाँच टीम का गठन किया गया है। वही शासकीय योजनाओं में हुआ घोटाला बड़ा प्रमाण है जो साबित कर्ता है कि शासकीय कार्यालय में बिना नियुक्ति के एक व्यक्ति जो कम्प्यूटर ऑपरेटर कार्य संपादिन कर्ता बनकर शासकीय योजनाओं में बड़ा घोटाला कर सकता है जिसका खुलासा होने के बाद जांच टीम गठित कि गई, जाँच टीम के द्वारा घोटाला सत्य पाया गया जिमसे पुरुषोत्तम चंदेल भी संलित रहा है जाँच में पुरुषोत्तम चंदेल के ऊपर आरोप सिद्ध होने पर एफआईआर दर्ज विभागीय अधिकारियों को करानी चाहिए थी, लेकिन एक जिम्मेदार खंड पंचायत अधिकारी के द्वारा स्वयं से ही जांच कर भ्रष्ट कंप्यूटर ऑपरेटर पुरुषोत्तम चंदेल को दोष मुक्त घोषित कर दिया गया अब यह तो साहब ही बतलाएंगे कि आखिर किसके निर्देश पर उनके द्वारा जांच की गई जिसका आदेश पत्र एवं अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जो भ्रष्ट घोटालेबाज कंप्यूटर ऑपरेटर को दोष मुक्त साबित कर रहे है।


आलीशान है बंगला मार्बल, टाइल्स, मिस्त्री बाहर के


विभागीय सूत्रों की माने तो जिला मुख्यालय मृदु किशन कॉलोनी मैं कंप्यूटर ऑपरेटर पुरुषोत्तम चंदेल का आलीशान मकान तैयार हो रहा है जिसमें लगने वाला मटेरियल जबलपुर से मंगाया जा रहा है मार्बल टाइल्स की कीमत लाखों में बतलाई जा रही है तो वही इसे लगाने के लिए जबलपुर के मिस्त्रीयों को बुला कर कार्य कराया जा रहा है। सूत्रों कि माने तो घोटालेबाज कंप्यूटर ऑपरेटर पुरुषोत्तम चंदेल के द्वारा किए गए भ्रष्टाचार से अर्जित हुई धनराशि से जमीन, वाहन, मकान सहित अन्य को अपने करीबी परिजनों के नाम पर लिया गया है जिससे कि कंप्यूटर ऑपरेटर के ऊपर अगर जांच विभागीय स्तर पर बिठाई जाती है तो जांच टीम के हाथ कुछ ना लग सके


देर से जागे जिम्मेदार नप गए भ्रष्ट कंप्यूटर ऑपरेटर चंदेल

बतला दें कि डिंडोरी जनपद पंचायत कार्यालय में कार्यरत भ्रष्ट कंप्यूटर ऑपरेटर पुरुषोत्तम चंदेल के द्वारा शासकीय योजनाओं में कुछ जिम्मेदारों संग मिलकर बड़ा घोटाला किया गया था मामला प्रकाश में आने पर विभागीय स्तर पर जांच टीम गठित की जिसमें कंप्यूटर ऑपरेटर पुरुषोत्तम चंदेल सहित अन्य के ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध पाए गए थे इस दौरान जनपद के जिम्मेदार अधिकारियों को कंप्यूटर ऑपरेटर पुरुषोत्तम चंदेल के ऊपर गबन मामले को लेकर एफ आई आर दर्ज करानी चाहिए थी लेकिन विभागीय स्तर पर ऐसा नहीं किया गया जो एक भ्रष्ट कंप्यूटर ऑपरेटर के रसूख को दर्शाता रहा है। मामले को समय के साथ ठन्डे बस्ते में डाल दिया गया जिसका खुलासा सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी एवं विभागीय सूत्रों के द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी से हो सका लगातार देवांश भारत के द्वारा जनपद पंचायत कार्यालय में हुए भ्रष्टाचार को उजागर करते हुए दवे मामले को प्रकाश में लाया गया। कलेक्टर से शिकायत होने पर जिसकी जांच हेतु जनपद पंचायत डिंडोरी सीईओ के द्वारा जांच टीम गठित कि गई है जो विधिवत जानकारी से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराएगी। कार्यालय जनपद पंचायत डिंडोरी के द्वारा पत्र, क्रमांक,जनपद,पंचायत लेखा. 2026/2131 ऐ जारी करते हुए पत्र में उल्लेख किया गया है कि सामान्य प्रशासन समिति जनपद पंचायत डिंडोरी की बैठक के प्रस्ताव के अनुसार कार्यालय में कार्य की आवश्यकता को देखते हुए श्री पुरुषोत्तम चंदेल से कंप्यूटर ऑपरेटर(कलेक्टर दर) दैनिक वेतन भोगी के रूप में जनपद पंचायत डिंडोरी में कार्य लिया जा रहा है श्री पुरुषोत्तम चंदेल कंप्यूटर ऑपरेटर (कलेक्टर दर) के विरुद्ध वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है अतः शिकायत की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए श्री पुरुषोत्तम चंदेल कंप्यूटर ऑपरेटर जनपद पंचायत डिंडोरी को आगामी आदेश पर्यंत तक कार्य से मुक्त किया जाता है जनपद पंचायत डिंडोरी प्रभारी सीईओ प्रमोद ओझा के द्वारा यह आदेश 16.2.2026 को जारी किया गया है। अब देखना यह होगा भ्रष्टाचार कर शासकीय राशि गवन करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर पुरुषोत्तम चंदेल को जांच में पहले दोषी सिद्ध करने वाले खंड पंचायत अधिकारी के द्वारा पुनः जाँच करने के किसके निर्देश दिए,जिसमें भ्रष्ट कंप्यूटर ऑपरेटर को दोष मुक्त घोषित कर दिया गया इसका जवाब खंड पंचायत अधिकारी को देना होगा। हमारे द्वारा खंड पंचायत अधिकारी से संपर्क किया गया था लेकिन साहब से संपर्क नहीं हो सका जानकारों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पारिवारिक कार्यक्रम के चलते खंड पंचायत अधिकारी अभी छुट्टी पर चल रहे हैं


इनका कहना है,,,


एक शिकायत प्राप्त हुई है कलेक्टर महोदया द्वारा एंव कोतवाली द्वारा जिसमें कुछ बिंदु दिए गए है यहाँ से जाँच दल गठित कर दिया गया है जितने भी हितग्राही दर्शाएं गए है सभी से हमारा जाँच दल संपर्क करेगा शिकायत अगर सही पाई जाती है तो आवश्यक कार्यवाही कि जावेगी पुरुषोत्तम चंदेल का मामला मेने पढ़ा है मेरे संज्ञान में आया है हमारे यहाँ जो स्थापना है उन्हें निर्देश दे दिए गए है पुरुषोत्तम चंदेल कि नियुक्ति से सम्बंधित पदस्थापना से सम्बंधित समस्त दस्तावेज प्रस्तुत किए जाए अगर ये नियुक्ति अवैध होंगी तो उन्हें निश्चित ही हटाया जायेगा

प्रमोद ओझा प्रभारी सी ई ओ जनपद पंचायत डिंडोरी

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